आज कल कम उम्र मेँ ही बाल पकने, झड़ने और सफेद होने लगते है। एक बहुत ही कारगर ईलाज बता रहा हूँ दोस्तोँ। इस दवाई को बना कर पूरा फायदा जरूर उठायेँ।

सामग्री :-

  • अरंडी का तेल 250 ग्राम
  • जैतून का तेल 50 ग्राम
  • चन्दन कि लकड़ी का बारीक बुरादा 50 ग्राम
  • काँफी पाउडर 50 ग्राम।
  • बरगद के पेड़ कि एकदम ताजा पत्ती (बन्द वाली कोपल) 300 ग्राम
  • अम्बर बेल जिसको अमर बेल भी कहते हैं. 300 ग्राम (जो हरे रंग के धागे कि तरह पेड़ के ऊपर मिलती है।)क्र. 1 से 4 की चीजेँ पंसारी एवँ 5,6 को गाँव देहात से ढूँढ कर लाना होगा।

बनाने की विधि -

दोनोँ तेलोँ को मिला कर हल्की आँच पर गर्म करेँ। फिर इस तेल मे सभी चीजेँ डाल लेवेँ और तब तक हिलाते रहेँ जब तक पूरी सामग्री काली होकर जल ना जायेँ। सावधानी रखना तेल तड़तड़ाता बहुत है। सभी चीजेँ जल जाने पर ठंडा करके तेल को बोतल मे भरकर रख लेवेँ।

प्रयोग की विधि -

रोजाना 20 मिनिट तक उँगलियोँ के पोरौँ से सर पर अच्छे से इस तेल की मालिश सिर मे करेँ। तेल के नियमित प्रयोग से जो बाल सफेद हो गये है वो भी वापस जड़ से काले उगने लगेँगे।

इसके साथ में एक एक चम्मच सुबह शाम त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ ज़रूर ले।

और सुबह शीर्षासन या सर्वांगासन 15 मिनट तक ज़रूर करे।

6 महीने में रिजल्ट मिल जायेगा।

परहेज - साबुन और शैम्पू का प्रयोग नही करेँ। सिर्फ रात मे भिगोई गयी मुल्तानी मिट्टी को सुबह 10 मिनिट सर मे साबुन की तरहा लगाकर सर धो लेवेँ।






Leave a comment :